APA (7 वां संस्करण) प्रशस्ति पत्र

Grin, A., & Kübart, H. (1988). Die funkelnde Welt: Phantastischer Roman (1. Auflage.). Volk und Welt.

शिकागो शैली (17वां संस्करण) प्रशस्ति पत्र

Grin, Alexander, और Heinz Kübart. Die Funkelnde Welt: Phantastischer Roman. 1. Auflage. Berlin: Volk und Welt, 1988.

एमएलए (8वां संस्करण) प्रशस्ति पत्र

Grin, Alexander, और Heinz Kübart. Die Funkelnde Welt: Phantastischer Roman. 1. Auflage. Volk und Welt, 1988.

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